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Thursday, 14 November 2013

अब नहीं दिखेगी 'वो'

आज तो सब आये हैं  मिलने उससे
जिन्हे 'वो' जानती नहीं 
और जिन्होंने कभी कोशिश नहीं की , वो भी! 
पर 'वो' नही है आज,,,
सुना है मर चुकी है,,
पर देखो 'वो' साँसे ले रही है 
खुली हवा में,,,
उन्ही अपनों में,,,
जिन्होंने सिर्फ आँसू ही दिए 
और वही लौटा रहे हैं आज भी!

थक चुकी थी 'वो'
झूठे और बेमानी रिश्ते निभाते 
अपनी ही जैल को रोज़ सजाते 
हार गयी थी 'वो'
दूरियों को घटाने की कोशिश में 
जीने  की वजह, किसी उम्मीद में 
खुश रहने का रास्ता  भी नहीं मिल रहा था 
इसलिए खुद ही सब के रास्ते से हट गयी,,,
जो रो देती थी छोटी-छोटी बातों पर
और खुश भी हो जाती थी खिल-खिल कर,,,, 

पति यह सोच के रो रहा है-
उसे फंसा के चली गयी ,,,,
सास-ससुर इसलिए-
कि फिर कैसे घर बसाना है,,,

चार दिन बाद सिर्फ 'भीगी याद' 
बन कर रह जायेगी  'वो'
जो आजतक तो थी 
पर किसी ने देखा ही नहीं,,,




  



Wednesday, 6 November 2013

आदत है मुझे

अक्सर तुम्हारे रूठ जाने की
आदत है मुझे।

कभी कुछ शब्द अधूरे रह जाते हैं
कभी कोई बात
कभी रिश्ते पूरे नहीं हो पाते '
कभी जज्बात
जिंदगी के इस अनुभव की
आदत है मुझे।

मन का पंछी दिन-भर सोचे,,
जाने कैसी प्यास लगी है
कहता है दिल मर जाने को,,
कैसे कोई प्यास बुझी है?
खुश्बू देकर तुमको, खुद काँटो की
आदत है मुझे ,,,,,

Thursday, 17 May 2012

Poision of life

JUST FOR A SINGLE DROP OF UR LOVE,
I HAVE TAKEN ALL POSION OF LIFE,,
IN ALL YEARS U NEVER THINK OF,
NOR I EVER STOPPED,,
YOU CANT TAKE BACK THE PAST,
AND I M NOT ABLE TO MAKE MY PRESENT,,
JUST FOR A SMILE IN UR FACE,
I HAVE TAKEN ALL PAIN IN MY EYES,,
STILL ALL I CAN DO IS TRY AND FIGHT,
TILL I WILL NOT BE BROKEN,,
तेरे प्यार की एक जरा सी बूँद क लिए,
जिंदगी का सारा जहर मेंने पी लिया

Wednesday, 16 May 2012

चाहत

आपको चाहने की कोई वजह नहीं है,
शायद मेरी तन्हाई की इंतिहा यही है,
ढूँढती हूँ दर्द में खुशियाँ कहीं है,
माना की मुझमे अलग कुछ भी नहीं हे,
पर जो मुझमे है वो किसी और में भी नहीं है।

Monday, 7 May 2012

teri yaad

रात को जब तुम्हारी याद आई
न जाने क्यों आंख भर आई
मेरे पास तो यादों के सिवा कुछ न था
चाँद में मुझे तुम्हारी शकल नज़र आई
मुझे मरने का तो डर न था
पर मौत तो तब हसीं होगी
जब तेरी बाहों में मरु और दिल रुक जाये
जब तेरी आँखों से एक आसूं मेरी रुके दिल को वापस धडकाऐ
मुझे अपनी जिंदगी में जो गम मिले
वो तेरे एक अहसास से धुल जाये
अब और कुछ नहीं मांगती में उस रब से
मेरे दिल को तू ही अब समझाए